वर्ष 2025 में, अर्जेंटीना के चिकित्सा शोधकर्ताओं ने व्यक्तिगत चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उन्होंने टेलोमेयर बायोलॉजी डिसऑर्डर (TBDs 2025) के निदान के लिए एक महत्वपूर्ण मापदंड, टेलोमेयर की लंबाई के लिए देश के पहले मानकीकृत संदर्भ वक्र को सफलतापूर्वक विकसित किया है। यह विकास देश की स्वास्थ्य सेवा में एक नया अध्याय जोड़ता है।
यह पहल गैराहन अस्पताल के विशेषज्ञों द्वारा ब्यूनस आयर्स विश्वविद्यालय (UBA 2025) के सहयोग से की गई थी। इस परियोजना ने विदेशी संदर्भ डेटा पर निर्भरता को समाप्त कर दिया, जो अक्सर स्थानीय आबादी की विशेषताओं को सटीक रूप से प्रतिबिंबित नहीं कर पाता था। इस महत्वपूर्ण कार्य में आणविक जीव विज्ञान, नैदानिक अभ्यास और सांख्यिकीय विश्लेषण का समन्वय किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि अब नवजात शिशुओं से लेकर 50 वर्ष की आयु तक के व्यक्तियों में टेलोमेयर की लंबाई को मापने के लिए अर्जेंटीना का अपना मानक स्थापित हो गया है।
इस राष्ट्रीय पैमाने के लिए आधारभूत डेटा का संग्रह निर्दिष्ट आयु सीमा के स्वस्थ व्यक्तियों के 159 नमूनों के विश्लेषण से प्राप्त किया गया था। यह सर्वविदित है कि टेलोमेयर का छोटा होना सीधे तौर पर कोशिकाओं की उम्र बढ़ने की गति से जुड़ा हुआ है। यह गंभीर वंशानुगत स्थितियों, जैसे कि कुछ प्रकार के कैंसर और अस्थि मज्जा विफलता सिंड्रोम, का अग्रदूत बन सकता है। इस वक्र की नैदानिक उपयोगिता तुरंत सिद्ध हो गई जब शोधकर्ताओं ने इसकी तुलना मौजूदा रोगी डेटा से की। उन्होंने पुष्टि की कि सभी निदान किए गए रोगी अर्जेंटीना की आबादी के लिए स्थापित नए महत्वपूर्ण लंबाई मापदंडों से नीचे थे।
इस कार्यप्रणाली का मुख्य उद्देश्य इन दुर्लभ, और अक्सर बाल चिकित्सा से संबंधित, स्थितियों के लिए पूरे देश में निदान मानदंडों को एकीकृत करना है। इस बहु-विषयक टीम में प्रमुख योगदानकर्ताओं में अध्ययन के मुख्य लेखक एलेजांद्रो चावेज़ और गैराहन अनुसंधान समन्वयक सिल्विना रुविंस्की शामिल थे। इनके साथ ही यूबीए के सटीक और प्राकृतिक विज्ञान संकाय के गणितज्ञों और हेमेटोलॉजी तथा ऑन्कोलॉजी विभागों के पेशेवरों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सिल्विना रुविंस्की ने इस बात पर जोर दिया कि इस विशिष्ट डेटा का स्वामित्व होने से मामलों की पहचान दर में उल्लेखनीय सुधार होगा और निदान मार्गों का अनुकूलन होगा। यह अनुकूलन उन रोगियों की शीघ्र पहचान करने में सहायक होगा जिन्हें विशिष्ट आनुवंशिक अध्ययनों की आवश्यकता है। इससे जटिल बीमारियों का सामना कर रहे बच्चों के लिए चिकित्सीय हस्तक्षेपों को बेहतर ढंग से निर्देशित किया जा सकेगा। टेलोमेयर बायोलॉजी डिसऑर्डर वंशानुगत स्थितियों का एक विषम समूह है, जिसकी विशेषता टेलोमेयर रखरखाव में बाधा आना है। बाहरी, गैर-प्रतिनिधित्वकारी बेंचमार्क का उपयोग करने पर समय पर निदान करना ऐतिहासिक रूप से जटिल रहा है।
इस राष्ट्रीय उपकरण की उपलब्धता नैदानिक प्रबंधन पर गहरा प्रभाव डालने वाली है। यह उन प्रयोगशालाओं को एक समान आधार प्रदान करेगा जो इसी कार्यप्रणाली का उपयोग करती हैं, जिससे निदान संबंधी आम सहमति प्राप्त हो सकेगी। यह विकास अर्जेंटीना को स्थानीयकृत आनुवंशिक निदान के क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में स्थापित करता है। विश्व स्तर पर, टेलोमेयर की लंबाई का मापन विभिन्न विकृतियों के लिए एक संभावित बायोमार्कर के रूप में तेजी से मान्यता प्राप्त कर रहा है, जो अक्सर रोग की शुरुआत की आयु और परिणामी फेनोटाइप की गंभीरता से सीधा संबंध रखता है।


