शराब पीने के उद्देश्यों का वर्गीकरण और स्वास्थ्य जोखिमों पर मनोवैज्ञानिक शोध

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शराब पीने के उद्देश्यों का वर्गीकरण और स्वास्थ्य जोखिमों पर मनोवैज्ञानिक शोध-1

हालिया मनोवैज्ञानिक अध्ययनों ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि व्यक्ति की शराब पीने की प्रेरणाओं के प्रति जागरूकता का सीधा असर उसकी शराब के सेवन की आवृत्ति और नकारात्मक परिणामों पर पड़ता है। यह शोध इस सांस्कृतिक बदलाव के बीच आया है जब सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाहकार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि शराब की खपत का कोई भी स्तर पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है, जिससे समाज में कम शराब पीने की ओर एक झुकाव पैदा हो रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विश्लेषण के अनुसार, शराब के सेवन की कोई सुरक्षित सीमा नहीं है और किसी भी मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने अल्कोहल को एस्बेस्टस, विकिरण और तंबाकू के साथ समूह 1 कार्सिनोजेन के रूप में वर्गीकृत किया है।

एक महत्वपूर्ण अध्ययन ने शराब पीने वालों के बीच चार विशिष्ट प्रेरक प्रोफाइल की पहचान की, जिनकी जोखिम की प्रकृति अलग-अलग थी। इन प्रोफाइल में 'लक्ष्यहीन पीने वाले' (Aimless Drinkers) शामिल थे, जिनका जोखिम स्तर सबसे अधिक था, जबकि 'आनंद पीने वाले' (Pleasure Drinkers) नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहे। लक्ष्यहीन पीने वाले, जिनमें अक्सर पुरुष शामिल थे, उनके शराब पीने के कारण अस्पष्ट थे और उन्होंने सबसे गंभीर नकारात्मक परिणाम झेले। यह समझना महत्वपूर्ण है कि शराब का सेवन जैविक तंत्र के माध्यम से कैंसर का कारण बनता है क्योंकि शरीर में यौगिक टूटते हैं, जिसका अर्थ है कि शराब युक्त कोई भी पेय कैंसर के विकास का खतरा पैदा करता है, चाहे उसकी कीमत या गुणवत्ता कुछ भी हो।

दूसरा प्रोफाइल 'बाह्य रूप से नियंत्रित पीने वालों' (Externally Controlled Drinkers) का था, जो सामाजिक दबाव या आत्मविश्वास हासिल करने के लिए शराब का उपयोग करते थे, और यह व्यवहार अक्सर बार-बार और भारी मात्रा में सेवन से जुड़ा हुआ था। इसके विपरीत, 'लचीले पीने वाले' (Flexible Drinkers), जो सबसे बड़ा समूह थे, उनके पीने के उद्देश्य विविध थे लेकिन उन्होंने सामान्य तौर पर संयमित मात्रा में ही शराब का सेवन किया। यह वर्गीकरण इस बात पर जोर देता है कि पीने के पीछे की अंतर्निहित प्रेरणाएं परिणाम निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जैसा कि कुछ अध्ययनों में देखा गया है। 'आनंद पीने वाले', जो मुख्य रूप से आंतरिक रूप से प्रेरित थे, उन्होंने मध्यम मात्रा में शराब पी और नकारात्मक प्रभावों का अनुभव कम किया; यह समूह अक्सर अधिक उम्र के प्रतिभागियों में देखा गया।

विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि पीने के अपने व्यक्तिगत उद्देश्य को समझना, शराब के उपयोग का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए एक प्रमुख आत्म-सुधार रणनीति है। उदाहरण के लिए, कुछ लोग तनाव दूर करने के लिए पीते हैं, जबकि अन्य जीवन की कठिनाइयों से निपटने में सहायता पाने के लिए शराब का सहारा लेते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यूरोपीय क्षेत्र में 2017 में शराब से जुड़े 23,000 नए कैंसर मामले सामने आए थे, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं के स्तन कैंसर थे, जो हल्के से मध्यम खपत (प्रतिदिन 20 ग्राम से कम शुद्ध अल्कोहल) से जुड़े थे।

यह शोध इस बात को रेखांकित करता है कि शराब पर निर्भरता, जिसे अब नैदानिक ​​संदर्भों में शराब उपयोग विकार (Alcohol Use Disorder) कहा जाता है, एक इलाज योग्य बीमारी है, और जोखिम कारकों में सामाजिक वातावरण, तनाव और आनुवंशिक प्रवृत्ति शामिल हैं। शराब पीने के उद्देश्य को समझने से व्यक्ति को उन ट्रिगर्स को पहचानने और उनसे बचने में मदद मिल सकती है जो अत्यधिक सेवन की ओर ले जाते हैं, जो स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दिशा में पहला कदम हो सकता है। यह ज्ञान व्यक्तियों को अपनी खपत को नियंत्रित करने और शराब से जुड़े संभावित दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों, जैसे कि यकृत सिरोसिस या विभिन्न प्रकार के कैंसर, से बचने में सहायता कर सकता है।

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स्रोतों

  • bb.lv

  • Alcohol Clin Exp Res (Hoboken)

  • Medscape

  • Ipsos

  • The Lancet Public Health

  • SAMHSA

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