स्विस बैंकों में विश्वास 2007 के संकट-पूर्व स्तरों पर गिरा

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हाल के सर्वेक्षणों के अनुसार, स्विस बैंकों में जनता का विश्वास एक महत्वपूर्ण गिरावट से गुजरा है, जो 2025 के अंत तक केवल 53% सकारात्मक भावना पर आ गया है। यह आंकड़ा 2007 के स्तरों के बराबर है, जो लेहमन ब्रदर्स के पतन से पहले के वैश्विक वित्तीय संकट की शुरुआत का प्रतीक था। यह गिरावट स्विस बैंकर्स एसोसिएशन (SBA) के लिए Gfs.bern द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के माध्यम से सामने आई है, जो देश की वित्तीय स्थिरता के प्रति सार्वजनिक धारणा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है।

सकारात्मक धारणा का शिखर 2021 में देखा गया था, जब कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय संस्थानों की प्रतिक्रिया को व्यापक रूप से सराहा गया था। हालाँकि, वर्तमान में यह विश्वास जनसांख्यिकीय और राजनीतिक रेखाओं के साथ विभाजित होता दिख रहा है। विशेष रूप से, युवा पीढ़ी के नागरिक और वामपंथी विचारधारा वाले मतदाता वित्तीय संस्थानों के प्रति काफी कम आत्मविश्वास प्रदर्शित कर रहे हैं। यह विभाजन संभवतः संस्थागत विश्वास और आर्थिक न्याय की धारणाओं से जुड़ा हुआ है, क्योंकि वामपंथी राजनीति का मूल उद्देश्य समाज में अधिक आर्थिक और जातीय समानता लाना है।

स्विस बैंकिंग परिदृश्य वर्तमान में एक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहाँ चुनौतीपूर्ण ब्याज दर व्यवस्था, अस्थिर वातावरण में बढ़े हुए भू-राजनीतिक जोखिम और कड़े नियम बैंकों पर रणनीतिक और परिचालन दोनों स्तरों पर दबाव डाल रहे हैं। यह विश्वास का स्तर 2007 के स्तरों पर लौटना एक ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करता है, क्योंकि 15 सितंबर, 2008 को लेहमन ब्रदर्स का दिवालिया होना सबप्राइम मॉर्गेज संकट का चरमोत्कर्ष था, जिसने वैश्विक वित्तीय प्रणाली में व्यापक आतंक प्रेरित किया था।

वित्तीय संस्थानों में विश्वास की यह कमी केवल घरेलू धारणाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक वित्तीय प्रणाली की अंतर्निहित कमजोरियों को भी दर्शाती है। 2008 के संकट के बाद, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने बड़े पैमाने पर मुद्रा छापी, जिससे वित्तीय बाजारों में लगभग 290 ट्रिलियन डॉलर आ गए, जिसने निवेशकों को उच्च रिटर्न के लिए खराब गुणवत्ता वाले निवेश करने के लिए प्रेरित किया, जो एक बड़ा जोखिम है। स्विस बैंक, जो अपनी सख्त गोपनीयता और मजबूत सुरक्षा के लिए जाने जाते हैं, ऐतिहासिक रूप से अमीर लोगों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना रहे हैं, खासकर जब उनके अपने देशों में राजनीतिक माहौल अस्थिर होता है।

इस बीच, स्विस बैंकों में भारतीयों के धन के आंकड़े भी रुझान दर्शाते हैं। स्विस नेशनल बैंक (SNB) की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, 2024 में भारतीयों से जुड़ा धन तीन गुना से अधिक बढ़कर लगभग 37,600 करोड़ रुपये (3.5 अरब स्विस फ्रैंक) हो गया, जो 2021 के बाद का उच्चतम स्तर है। यह वृद्धि मुख्य रूप से संस्थागत और कॉर्पोरेट चैनलों के माध्यम से हुई है, जिसमें व्यक्तिगत जमा का हिस्सा केवल लगभग 10% है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि SNB के आंकड़ों में सभी जमा राशि को काला धन नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि इसमें वैध व्यावसायिक निवेश भी शामिल हैं।

यह विश्वास का स्तर गिरना, विशेष रूप से युवा और वामपंथी मतदाताओं के बीच, वित्तीय क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें बदलते सामाजिक और राजनीतिक अपेक्षाओं के अनुरूप खुद को ढालना होगा। स्विस बैंकिंग क्षेत्र को डिजिटल संपत्ति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और टिकाऊ वित्तीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में नए व्यावसायिक मॉडल विकसित करके बदलती ग्राहक मांगों को पूरा करने की आवश्यकता है। यह ऐतिहासिक गिरावट एक अवसर प्रस्तुत करती है कि बैंक अपनी पारदर्शिता और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करें, ताकि वे 2007 के पूर्व-संकट स्तरों से आगे निकल सकें और भविष्य के लिए एक मजबूत आधार बना सकें।

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स्रोतों

  • www.Bluewin.ch

  • SWI swissinfo.ch

  • Bluewin

  • Ticinonline

  • Associazione Svizzera dei Banchieri - Swiss Banking

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