इटली में खान-पान संबंधी विकारों से निपटने के लिए राष्ट्रीय अभियान शुरू

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इटली गणराज्य में खान-पान और पोषण संबंधी विकार, जिनमें एनोरेक्सिया, बुलिमिया और ऑर्थोरेक्सिया जैसी स्थितियाँ शामिल हैं, एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं, जो अनुमानित रूप से 30 लाख व्यक्तियों को प्रभावित कर रहे हैं। यह स्थिति देश के स्वास्थ्य ढांचे पर एक महत्वपूर्ण बोझ डालती है, जिसके लिए तत्काल और बहुआयामी हस्तक्षेप की आवश्यकता है। विशेष रूप से 12 से 24 वर्ष की आयु की युवा महिलाओं में इन विकारों की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, जो प्रवृत्ति कोविड-19 महामारी के बाद अधिक स्पष्ट हुई है।

इस बढ़ते संकट को देखते हुए, संस्थागत स्तर पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो गई है। इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस गंभीर चुनौती का मुकाबला करने के लिए एक व्यापक तीन-वर्षीय राष्ट्रीय संचार अभियान शुरू किया है। इस पहल का प्राथमिक ध्यान प्राथमिक और द्वितीयक रोकथाम पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना और शुरुआती हस्तक्षेप को बढ़ावा देना है। इस अभियान की पहुंच को अधिकतम करने के लिए, मंत्रालय टेलीविजन, रेडियो और सोशल मीडिया जैसे प्रमुख माध्यमों का आक्रामक रूप से उपयोग कर रहा है ताकि किशोरों और उनके परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा जा सके।

अधिकारियों ने इस समस्या के समाधान में शीघ्र पहचान के महत्व पर विशेष जोर दिया है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, स्कूलों को लक्षित आउटरीच गतिविधियों में शामिल करने की योजना है। इसमें 'डिडैक्टा' जैसे महत्वपूर्ण शैक्षिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी शामिल है, जो शैक्षणिक समुदाय के भीतर जागरूकता और पहचान तंत्र को मजबूत करने का एक मंच प्रदान करता है। स्कूलों को शामिल करना रोकथाम की रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, क्योंकि यह सीधे प्रभावित आबादी के करीब है।

इस बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य चुनौती के सक्रिय प्रबंधन के लिए, इतालवी सरकार का लक्ष्य एक राष्ट्रीय रोकथाम केंद्र (National Prevention Hub) स्थापित करना है। इस केंद्र की स्थापना का उद्देश्य इस जटिल स्वास्थ्य मुद्दे के प्रबंधन के लिए एक केंद्रीकृत और सक्रिय ढांचा प्रदान करना है। मानसिक स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों (NCDs) को संयुक्त रूप से संबोधित करने के वैश्विक रुझानों के अनुरूप, यह कदम इटली की सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। यह केंद्र भविष्य में इस तरह के विकारों के प्रसार को रोकने और प्रबंधित करने के लिए एक रणनीतिक आधार के रूप में कार्य करेगा।

यह राष्ट्रीय प्रयास उस व्यापक वैश्विक संदर्भ में महत्वपूर्ण है जहां मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं; उदाहरण के लिए, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हाल ही में गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य पर एक वैश्विक घोषणा-पत्र अपनाया है, जिसमें डिजिटल स्वास्थ्य जोखिमों, जैसे सोशल मीडिया के नुकसान, को भी शामिल किया गया है। इटली की यह पहल, जो विशेष रूप से युवा आबादी पर केंद्रित है, देश की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के साथ संरेखित होती है, जहां पोषण संबंधी कारकों और व्यवहारिक कारकों के संयोजन से उत्पन्न होने वाले विकारों को संबोधित करना महत्वपूर्ण है। तीन साल की अवधि में यह संचार अभियान और केंद्र की स्थापना, इटली की सरकार की ओर से इस संकट को एक दीर्घकालिक, संरचित दृष्टिकोण के साथ संभालने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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स्रोतों

  • ANSA.it

  • Disturbi alimentari, al Ministero della Salute presentazione del Programma nazionale di comunicazione e prevenzione

  • Disturbi della Nutrizione e Alimentazione, oltre 3 milioni di casi in Italia. I Neuropsichiatri infantili (SINPIA)

  • Giornata programma di comunicazione per la prevenzione dei Disturbi della Nutrizione e dell'Alimentazione" - Ministero della Salute | Eventi | Policlinico di Milano

  • Fiera Didacta Italia. Firenze, 12-14 marzo 2025 | Ministero dell'Università e della Ricerca

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