जर्मन शोधकर्ताओं ने उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए नई CSiGeSn मिश्र धातु विकसित की

द्वारा संपादित: user2@asd.asd user2@asd.asd

जर्मनी के शोधकर्ताओं ने कार्बन, सिलिकॉन, जर्मेनियम और टिन (CSiGeSn) की एक स्थिर मिश्र धातु विकसित की है, जो उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, फोटोनिक्स और क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांति ला सकती है। Forschungszentrum Jülich और Leibniz Institute for Innovative Microelectronics (IHP) के वैज्ञानिकों की एक टीम ने इस अभूतपूर्व सामग्री को बनाने में सफलता पाई है, जिसे वर्षों से एक बड़ी चुनौती माना जा रहा था।

इस नई मिश्र धातु की सबसे खास बात यह है कि इसमें शामिल चारों तत्व, सिलिकॉन की तरह, आवर्त सारणी के समूह IV से संबंधित हैं। यह समानता, जिसे एपिटैक्सी नामक प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त किया गया है, सुनिश्चित करती है कि यह सामग्री चिप उद्योग में उपयोग की जाने वाली मानक CMOS निर्माण प्रक्रियाओं के साथ संगत है। यह संगतता इस नई सामग्री को मौजूदा चिप निर्माण विधियों में एकीकृत करने का मार्ग प्रशस्त करती है, जो इसके व्यापक अनुप्रयोग के लिए एक महत्वपूर्ण लाभ है।

Forschungszentrum Jülich के प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक, डॉ. डैन बुका ने इस उपलब्धि को एक लंबे समय से प्रतीक्षित मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा, "इन चारों तत्वों को मिलाकर, हमने वह हासिल किया है जिसे कई लोग असंभव मानते थे: अंतिम समूह IV अर्धचालक।" यह नई मिश्र धातु सामग्री के गुणों को इस हद तक ठीक करने की अनुमति देती है कि यह शुद्ध सिलिकॉन की क्षमताओं से परे घटकों को सक्षम बनाती है, जैसे कि ऑप्टिकल घटक या क्वांटम सर्किट।

इस शोध के निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल 'एडवांस्ड मैटेरियल्स' में प्रकाशित हुए हैं, जिसका 2023 का प्रभाव कारक 27.4 है, जो सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में इसके महत्व को दर्शाता है। इस सामग्री के विकास में AIXTRON AG द्वारा प्रदान की गई केमिकल वेपर डिपोजिशन (CVD) प्रणाली का उपयोग किया गया था। यह प्रणाली सटीक इंजीनियरिंग और उन्नत उपकरणों के माध्यम से कार्बन जैसे छोटे परमाणुओं और टिन जैसे बड़े परमाणुओं के एकीकरण की चुनौतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण रही है।

CSiGeSn मिश्र धातु के अनुप्रयोगों की श्रृंखला विस्तृत है। यह न केवल अधिक कुशल और बहुमुखी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के विकास को सक्षम कर सकता है, बल्कि फोटोनिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उदाहरण के लिए, इस सामग्री से बने पहले प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) ने क्वांटम वेल संरचनाओं का उपयोग करके नई ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक घटकों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम दिखाया है। यह शोध सामग्री विज्ञान और अर्धचालक प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है, और मौजूदा निर्माण प्रक्रियाओं के साथ इसकी अनुकूलता इसे तेजी से अपनाने की क्षमता प्रदान करती है। आगे के अनुसंधान और विकास से इस नई सामग्री की पूरी क्षमता का एहसास होने की उम्मीद है, जो भविष्य की प्रौद्योगिकियों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

स्रोतों

  • Forschungszentrum Jülich

  • Advanced Materials

  • Forschungszentrum Jülich

क्या आपने कोई गलती या अशुद्धि पाई?

हम जल्द ही आपकी टिप्पणियों पर विचार करेंगे।