मॅडागास्कर के तट पर, नोसी बोराहा द्वीप के पास, एक ऐतिहासिक खोज हुई है जिसने समुद्री डाकू युग के एक अनसुलझे रहस्य पर से पर्दा उठा दिया है। पुरातत्वविदों की एक टीम ने 'नोसा सेनोरा डो काबो' नामक एक पुर्तगाली युद्धपोत के अवशेषों की पहचान की है, जो 1721 में समुद्री डाकुओं के हमले के बाद डूब गया था। यह जहाज सोने, चांदी, कीमती रत्नों और धार्मिक कलाकृतियों का एक खजाना था, जिसका अनुमानित मूल्य आज 138 मिलियन डॉलर से अधिक है।
यह जहाज, जो लगभग 700 टन का था, गोवा से लिस्बन की यात्रा पर था जब इसे ओलिवियर लेवाससेर (ला बुसे) जैसे कुख्यात समुद्री डाकुओं के गिरोह ने घेर लिया। हमले से पहले, जहाज एक भयंकर तूफान से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण उसे अपने कई तोपों को समुद्र में फेंकना पड़ा था, जिससे वह डाकुओं के लिए आसान शिकार बन गया। इस जहाज पर पुर्तगाली वायसराय और गोवा के आर्कबिशप सहित कई महत्वपूर्ण यात्री भी सवार थे। वायसराय को फिरौती देकर छोड़ दिया गया, लेकिन अधिकारियों और गुलामों का क्या हुआ, यह अभी भी एक रहस्य बना हुआ है।
इस खोज को दो दशकों से अधिक के गहन शोध, गोताखोरी और सोनार सर्वेक्षणों के बाद अंजाम दिया गया है। पुरातत्वविदों ने जहाज के मलबे से 3,300 से अधिक कलाकृतियाँ बरामद की हैं, जिनमें चीनी मिट्टी के बर्तन, इंडो-पुर्तगाली धार्मिक मूर्तियाँ, मुगल-कालीन सिरेमिक, यूरोपीय सिक्के, अफ्रीकी सीपियाँ और विदेशी मसाले शामिल हैं। इन कलाकृतियों में एक हाथी दांत की पट्टिका भी शामिल है जिस पर 'INRI' लिखा हुआ है, जो उस समय के व्यापार, धर्म और समुद्री डाकू जीवन की एक अनूठी झलक प्रदान करती है।
यह खोज न केवल समुद्री डाकू युग के इतिहास, व्यापार और धार्मिक प्रथाओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उस समय के समुद्री जीवन की जटिलताओं और जोखिमों को भी उजागर करती है। 'नोसा सेनोरा डो काबो' का खजाना समुद्री इतिहास की सबसे बड़ी डकैतियों में से एक का प्रतीक है, जो हमें उस युग की भव्यता और क्रूरता दोनों की याद दिलाता है। यह खोज भविष्य के शोध और पुरातात्विक जांच के लिए नए रास्ते खोलेगी, जिससे हमें उस काल के बारे में और अधिक जानने का अवसर मिलेगा।